Sunday, 20 May 2018

मीलों चले गरीब, सिर्फ भोजन को पाने,


मीलों चले गरीब, सिर्फ भोजन को पाने,
मीलों चले अमीर, सिर्फ बस उसे पचाने l
भोजन मिलता उसे, जिसे विश्वास रहा है,
चलता रहे फकीर, खुदा को ही वह माने l

मीलों चले गरीब, सिर्फ भोजन को पाने,


मीलों चले गरीब, सिर्फ भोजन को पाने,
मीलों चले अमीर, सिर्फ बस उसे पचाने l
भोजन मिलता उसे, जिसे विश्वास रहा है,
चलता रहे फकीर, खुदा को ही वह माने l

Friday, 18 May 2018

रात जागते ही रहें,

                    रात जागते ही रहें, रोगी, कामी, चोर,
                    केवल कायर,दीन ही, सदा मचाते शोर l
                          लोभ और निर्लज्यता, गर्व संग है क्रोध,
                          मानवता की राह  में, वे बनते अवरोध l 

Thursday, 17 May 2018

बहता पानी स्वच्छ और निर्मल होता है,


 बहता पानी स्वच्छ  और निर्मल होता है,
 आगे बढने  का प्रयास  प्रतिपल  होता है l
 सागर कब किसको मिठास दे पाया जग में 
 ठहरे पानी  में  अक्सर  दलदल  होता है l

Wednesday, 16 May 2018

सदा रहे निस्वार्थ भावना,




             सदा रहे निस्वार्थ भावना, हो  जग  का कल्याण,
             सतत साधना के ही बल पर,बनती निज पहिचान,
             सहें यातना, किन्तु ह्रदय में, भारत माँ  का मान,
             कर्मठ, सदा  साहसी जग  में  पाते  हैं  सम्मान  
             कर्मठ, सदा  साहसी जग  में  पाते  हैं  सम्मान.  


Tuesday, 15 May 2018

राम कथा



   राम कथा  में आपने, किया अगर  गुण गान,
 निश्चित फल तुमको मिले, हो समाज में मान l
                     योग,यज्ञ,जप,तप सभी, व्यर्थ उपाय तमाम,
                     बिना परिश्रम किये ही, मिल सकते श्री राम l
                                                                     डा० हरिमोहन गुप्त 

Monday, 14 May 2018

परछाईं के पीछे भागो, नहीं पकड़ में आये,


                  परछाईं   के पीछे भागो, नहीं  पकड़  में  आये,
                  उसे छोड़  कर  आगे जाओ, तो  वह  पीछे धाये,
                  माया, ममता, और तृषा  का  यही हाल है मानो,
                  उसके प्रति बस मोह छोड़ दो, मन आनन्द समाये l  

     

Sunday, 13 May 2018

क्या करना धन जोड़ कर, निर्धन के धन राम,




             
                       क्या करना धन जोड़ कर, निर्धन के धन राम,
                       मृदु वाणी अरु सत्य से, बस रक्खो तुम काम l


                                   डा० हरिमोहन गुप्त 

Saturday, 12 May 2018

राम नाम


                  राम कथा जिसने लिखी, लिया राम का नाम,

                  राम रंग  में  रंग गया, माया का क्या काम l
                                                 
                                                                   डा० हरिमोहन गुप्त 

Friday, 11 May 2018

अंहकार तजो


सघन वृक्ष ही सदा उखड़ते, वेत सलामत सदा रही है,
सहज नम्रता और समर्पण, कारण बनता बात सही है l
पर्वत को भी चीर सकी है, सरिता अपनी राह बनाती,
अहंकार को तजो,सफलता मिलती है,यह बात कही है l

Thursday, 10 May 2018

रसना भज श्री राम को,यदि चाहो उद्धार,


रसना भज श्री राम को,यदि चाहो उद्धार,
 सदा कर्म में लीन जो, उसका बेड़ा पार l
 सच्चे मन से राम को,जो भी करता याद,
 कार्य सफल होते सभी ,उपजे नहीं विवाद l

चन्दन हर पोधा महकाये जो समीप है,

चन्दन हर पोधा महकाये जो समीप है,
 जग को जो आलोकित कर दे वही दीप है l
 पत्थर चोट सहे, पर फल दें वृक्ष यहाँ पर,
 पानी पी कर मोती उगले वही सीप है

उठो देवियो सुबह हुई,


उठो देवियो सुबह हुई, आलस को त्यागो
बहुत देर सो लिया,समय है अब तो जागो।
        पौराणिक इतिहास पढ़ो, बल है यह जानो,
        दुर्गा, सीता, सावित्री हो, यह तो मानो।
        रणचण्डी बन कर तुमने ही संहार किया है,
सोया साहस, शोर्य कला को तो पहिचानो।
अंग प्रदर्शन ,भडकीले वस्त्रों को त्यागो,
इष्र्या, द्वेष, दम्भ, कपट से अब भागो।
        क्यों दहेज उत्पीड़न होता आज तुम्हारा,
        जल कर मरना,शेष बचा है ऐक सहारा,
        केवल बहुयें जलें,आज हम सब यह मानें,
        लगता आज परिस्थितियों से जीवन हारा।
नर भक्षी हैं,सभी, तुम्हें ये नोच खायेंगे ,
मेरी मानो, अब मिसाइल को इन पर दागो।
 चौराहों पर छेड़ छाड़ कर तुम्हें सताना,
तुम पर अब तेजाब फेकना, काम घिनोना।
 कब तक यह उत्पीड़न होगा, जरा सोचिये,
बलात्कार कर तुम्हें मारना, और भगाना।
अब साहस को तुम बटोर, निर्भीक बनो तो,
आत्म सुरक्षा शासन से इस हक को माँगो।
बनो चावला, फिर से तुम अब बनो कल्पना,
वेदी किरण सरीखा साहस ही बटोरना।
इंदिरा गाँधी बन कर तुमको आज दिखाना,
 निष्ठा, लगन, परिश्रम, लाये नई चेतना।
          केवल शिक्षा दे सकती है नई उॅचाई,
          हो कर के निर्भीक, समय है अब भ्री जागो।
          लिया, समय है अब तो त्यागो।



Wednesday, 9 May 2018

पथिक(बटोही)


पथिक (बटोही )
       आगे बढना ध्येय तुम्हारा, रहे सदा जीवन ही गतिमय,
       पर्वत,नदी, झाड़, अवरोधक, पार करो तुम हो कर निर्भय,
       तुम्हें कहाँ विश्राम “पथिक” हो,”चरैवेति” सिद्धान्त तुम्हारा,
       संकल्प शक्ति उत्साहित करते, सबका जीवन ही हो सुखमय l
                  निष्कंटक हो पन्थ सभी का, हो उपलब्धि सभी को कतिपय,
                  “महाजनो येन गत: सा पन्था”, शाश्वत सच केवल नहिं संशय,
                   रुकना नहीं  बढो  तुम आगे, पा सकते  हो  अपनी मन्जिल,
                   रहो   प्रदर्शक सदा    पन्थ के, केवल यहाँ यही  है परिचय l

Tuesday, 8 May 2018

तिमिर स्वयम छटता जाता है,


तिमिर स्वयम छटता जाता है, पा कर पुंज प्रकाश.
 जटिल प्रश्न तक हल हो जाते, लेकर द्दढ विश्वास l
 विषम और गम्भीर परिस्थिति माप दण्ड है सच के,
 जीवन में द्दढ संकल्पों से, होता बुद्धि विकास

Monday, 7 May 2018

नदी


नदी अन्त तक रहती है गतिमान
, सागर बस स्थिर एक समान
 प्रेरित करती मुझे सर्वदा,
 रहो जीवन में तुम गतिशील,
 देखना फिर उसके परिणाम।
 राह में जो भी हों अवरोध,
 स्वयम् हट जायें बिना प्रयास।
 अन्यथा पानी का यह वेग,
 तोड़ देगा, पर्वत चट्टान।
 नदी तो रहती है गतिमान,

              डा० हरिमोहन गुप्त 

Sunday, 6 May 2018

सुन कर समझें बात को,


सुन कर समझें बात को, मथ कर करें विचार,
 जिनके उर नवनीत है, वे करते उपकार l
 सुख दुख में जो ऐक रस, रहे अलग पहिचान,
 सहन शील ही जगत में, पाते हैं सम्मान l

Saturday, 5 May 2018

नारी उत्पीड़न बढ़ा, करिये तनिक विचार

नारी उत्पीड़न बढ़ा, करिये तनिक विचार,
 रोग कठिन अब हो रहा, ढूढ़े कुछ उपचार.
 नियम, कायदे बाद में, स्वयं संवारें आप,
 बलात्कार अपराध है, सोचो यह है पाप.
 बलात्कार या अपहरण, होता जाता आम,
 मर्यादा सब टूटती, क्या सुबह क्या शाम.

Monday, 30 April 2018

जीवन में संघर्षों का क्रम चलता आया है

जीवन में संघर्षों का क्रम चलता आया है,
 और रात की गोद प्रात पलता आया है l
 चिर अशांति या पीड़ित मन आलोकित करने,
 सम्बन्धों का स्नेह सदा जलता आया है l

Sunday, 29 April 2018

जिसकी बुद्धि प्रखर होती है,वही व्यक्ति मेधावी होता

जिसकी बुद्धि प्रखर होती है,वही व्यक्ति मेधावी होता,
 मेधावी ही आगे बढ़ कर, प्रज्ञावान प्रभावी होता l
 अगर विवेकी बनना है तो, बस सत्संग सदा आवश्यक,
 गुणी, पारखी और विवेकी, वह ही प्रतिभा शाली होता l

Saturday, 28 April 2018

पुत्र पिता से जाना जाता यही नियम है


पुत्र पिता से जाना जाता यही नियम है,
 पिता पुत्र से जाना जाये होता कम है l
 पिता धन्य है जिसका पुत्र सवाया होता,
 दशरथ जाने गये राम से यह अनुक्रम है l

Thursday, 26 April 2018

श्री राम


   इष्ट सभी के एक है, विविध उन्हीं के नाम,
 लेकिन मुझको प्रिय लगा,दशरथ नन्दन राम

लक्ष्य सामने रखने वाले, कभी नहीं रुकते हैं

लक्ष्य सामने रखने वाले, कभी नहीं रुकते हैं
 जो श्रम के आदि हो जाते , कभी नहीं थकते हैं 
धीरे धीरे चलो , सामने लक्ष्य बनाओ निश्चित
 कितनी भी कठिनाई आए , कभी नहीं झुकते हैं

Wednesday, 25 April 2018

आशा फलती उन्हीं की, जिनको है सन्तोष,

आशा फलती उन्हीं की, जिनको है सन्तोष,
 जो प्रयासरत ही रहें, भरते हैं वे कोष l
 मानव की पीड़ा हरें, वे ही पाते मान,
 सेवा धर्म प्रधान है, तब बनती पहिचान l

Friday, 20 April 2018

सिया राम मय जगत है,जन जन का आधार

सिया राम मय जगत है,जन जन का आधार,
 मिथ्या सब संसार है, प्राणी यह है सार l
 सिया राम मय जगत है,जन जन का आधार,
 मिथ्या सब संसार है, प्राणी यह है सार l

Thursday, 19 April 2018

जो सोचते हैं जग भला,तो हुआ उनका भला

जो सोचते हैं जग भला,तो हुआ उनका भला,
 मन मिलेंगे दूर होगा, दूरियों का सिलसिला l
 आपसी सद भाव का जो पाठ पढ़ते सर्वदा,
 देश हित में सोचते, सम्मान उनको ही मिला l

Wednesday, 18 April 2018

कुछ बातें हैं काम की, इनको करिये रोज

कुछ बातें हैं काम की, इनको करिये रोज,
उसका फल फिर देखिये, आप मनाएं मौज.
 स्वच्छ वस्त्र पहिनो सदा, आसन भी हो स्वच्छ,
बस सुगन्ध हो पास में, स्वच्छ सदा हो कक्ष.
 बच्चों के संग खेलिए, इतना रखिये ध्यान,
उन्हें जिताओ हार कर, सदा बढ़ेगा मान.
 कभी दीन के संग भी, भोजन हो स्वीकार,
आप आत्म सुख पायगें, बहे नेह की धार.
 जमा समय से बिल करो, रहो समय पाबन्द,
पाँच मिनट आगे घड़ी- रखो, रहो सानन्द.

Tuesday, 17 April 2018

आपस में सौहार्द बढाता है अपनापन

आपस में सौहार्द बढाता है अपनापन,
आपस में सद्भाव जगाता है निज चिन्तन,
वैचारिक मतभेद कभी भी हो सकते हैं,
यदि होगा मनभेद, नष्ट होता है जीवन.

Monday, 16 April 2018

आयु होती क्षीण, यदि निन्दा करें विद्वान की

आयु होती क्षीण, यदि निन्दा करें विद्वान की,
तप नष्ट होता जायेगा, यदि मान्यता अभिमान की l
झूठ बोला तो समझ लो, नष्ट होगा यज्ञ फल,
दूसरों से यदि कही, महिमा कहाँ फिर दान की

मन में जब भी दूरी बढती, तो उसका परिणाम कलह है

मन में जब भी दूरी बढती, तो उसका परिणाम कलह है,
 तिरिस्कार जब भी मिलता है, उसकी कोई रही बजह है l
 माना यह सबको समझोते, करना पड़ते हैं जीवन में,
 इनसे जो ऊपर उठ जाता, उसकी अपनी स्वयम जगह है l

Sunday, 15 April 2018

योग ऐश औ आराम से जीवन कटे, यह भोग है,


योग ऐश औ आराम से जीवन कटे, यह भोग है,
 असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l


परमात्मा से मन सहज हम जोड़ कर देखें सही,
स्वस्थ हो तन मन हमारा,बस यही तो योग है l

 जीवन का यदि सम्यक ढंग से करना है उपयोग,
अल्पाहारी, संग में निद्रा, करें आप उपयोग l

 हम शतायु की सोचें मन में, रहना हमें निरोग,
स्वास्थलाभ संग,मन प्रसन्न हो,नियमित करिये योग l

Saturday, 14 April 2018

वे दोनों तो ऐक हैं, क्या रहीम क्या राम

वे दोनों तो ऐक हैं, क्या रहीम क्या राम,
 हम में ही दुर्बुद्धि है, इसीलिये कुहराम l
 मिटटी की यह देह है, सब में ज्योति समान,
 क्या हिन्दू, क्या मुसलमा, क्यों होते हैरान l

Saturday, 31 March 2018

अंधे देखें कृपा से, मूक बनें वाचाल

अंधे देखें कृपा से, मूक बनें वाचाल,
 राम कृपा से पंगु भी,गिरिवर चढ़ें विशाल l
 जिसकी जैसी भावना, वैसे उसके राम,
 श्रृद्धा हम उन पर करें,बिगड़े बनते काम l

Friday, 30 March 2018

भक्त शिरोमणि राम हैं, सदा भक्त पर नेह

भक्त शिरोमणि राम हैं, सदा भक्त पर नेह,
तुम भी भज लो राम को, मानो निस्संदेह l
राम मर्म को जानिये, आयेगा आनन्द,
पुलकित तन मन हो सदा,छूटेगा छ्लछ्न्द l

Wednesday, 28 March 2018

पौरुष शक्ति समर्थ जो,क्षमा रहे यदि पास

पौरुष शक्ति समर्थ जो,क्षमा रहे यदि पास,
निर्धन हो पर दान दे ,ईश्वर का वह ख़ास l
सदा ऐक रस ही रहे, भय हो फिर प्यार,
हानि,लाभ,जीवन,मरण, सब उसके अनुसार l

Tuesday, 27 March 2018

अब तक जिसने भी लिखी,राम कथा निस्वार्थ

अब तक जिसने भी लिखी,राम कथा निस्वार्थ,
पाया उसने परम पद, हुआ यही चरितार्थ l
तन्त्र मन्त्र सब व्यर्थ हैं, राम भजन है सार,
करके तो देखो स्वयम, पाओ स्वच्छ विचार l

Monday, 26 March 2018

सत्यं शिवं सुन्दरम की गूंजी है वाणी

सत्यं शिवं सुन्दरम की गूंजी है वाणी,
सत्यमेव जयते की हमने पढ़ी कहानी,
ऐक झूठ सौ बार कहें क्या सच हो सकता,
सच तो सच है, यही बात जानी पहिचानी l

Sunday, 25 March 2018

सत्य निष्ठा राम में होना जरूरी है

सत्य निष्ठा राम में होना जरूरी है,
यदि समर्पण भाव है, तो फिर न दूरी है l
छल,कपटव्यवहार,निन्दा यदि रही मन में,
चाह कर भी साधना रहती अधूरी है l

Saturday, 24 March 2018

राम नवमीं पर विशेष


अगर कामना मोक्ष की, या चाहो सुरधाम,
 वह तुमको मिल जायगा, प्राणी जप तू राम l
 काम सभी हों राम संग, पूजा हो निष्काम,
 राम नाम हो उच्चरित, मुख से आठों याम l

Friday, 23 March 2018


राम संग हैं आपके, जितना है विश्वास, जितने उसके पास जो, वह उतने ही पास l

Thursday, 22 March 2018

इष्ट सभी के ऐक हैं, विविध उन्हीं के नाम

इष्ट सभी के ऐक हैं, विविध उन्हीं के नाम,
लेकिन मुझको प्रिय लगा, दशरथ नन्दन राम l
राम नाम इक मन्त्र है, इसे जपो दिन रैन,
बाधाएँ कट जांयगी, तुम्हें मिलेगा चैन l

Wednesday, 21 March 2018

कवि का यदि स्तर गिरा,घट जाता सम्मान

कवि का यदि स्तर गिरा,घट जाता सम्मान,
मात्र प्रशंसा से नहीं, हो सकता कल्याण.

Tuesday, 20 March 2018

‘बसन्त’ गेहूँ की बाल देख, सबने सुख पाओ है

‘बसन्त’ गेहूँ की बाल देख, सबने सुख पाओ है,
सरसों जो फूल रही, चेहरा मुस्काओ है.
कोयल की कू कू सुन, आम बोराओ है,
होरी मनाबे खों, बसन्त आज आओ है.

Monday, 19 March 2018

तन सुखी रहता सदा जग रीत से

तन सुखी रहता सदा जग रीत से,
 मन सुखी जो हार बदले जीत में,
 है लड़ाई आज भी, जग में यहाँ,
 लड़ सकें कैसे यहाँ अन रीत से l

Saturday, 17 March 2018

नहीं अर्थ इसका कुछ होता, मैंने कितना खाया

नहीं अर्थ इसका कुछ होता, मैंने कितना खाया,
सार्थक यह माना जायेगा, कितना गया पचाया l
यह महत्व की बात नही है, कितना यहाँ कमाया,
इसका यहाँ महत्व अधिक है, सच में क्या बच पाया l
महत्व पूर्ण यह नहीं कि जीवन, कितना बीत गया है,
महत्व पूर्ण यह ही होता है, कैसे जिया गया है l

Friday, 16 March 2018

कवि ही ऐसा प्राणी है जो, गागर में सागर को भरता

कवि ही ऐसा प्राणी है जो, गागर में सागर को भरता
केवल वाणी के ही बल पर,
सम्मोहित सारा जग करता,
सीधी, सच्ची, बातें कह कर,
मर्म स्थल को वह छू लेता आकर्षित हो जाते जन जन,
भावों में भरती है दृढ़ता l

Thursday, 15 March 2018


सेवा भाव समर्पण ही बस, मानव की पहिचान है, जिसको है सन्तोष हृदय में, सच में वह धनवान है l यों तो मरते,और जन्मते,जो भी आया यहाँ धरा पर, करता जो उपकार सदा ही, पाता वह सम्मान है l

Thursday, 8 March 2018

उसकी यदि होगी कृपा, होगा तब आभास

उसकी यदि होगी कृपा, होगा तब आभास,
नहीं दूर वह आपसे, वह तो रहता पास.
हिल मिल कर जो रह सके, मिल जुल कर जो खात,
उसको प्रभु की ओर से, मिली सदा सौगात.

Tuesday, 6 March 2018


भगवान राम के प्रति
 योग,यज्ञ,जप,तप सभी, व्यर्थ उपाय तमाम,
 बिना परिश्रम किये ही, मिल सकते श्री राम.
 भाँग, तमाखू, सूरा का, उतरे नशा प्रभात,
 राम नाम का नशा है, जो रहता दिन रात.

Monday, 5 March 2018


राजनीति में हर जगह, हावी है अब स्वार्थ, तुम हमको,हम तुम्हें दें,क्या यह है परमार्थ. कार्य समीक्षा कर रहे,आत्म प्रशंसा गान, पाया कितना बीच में, इसका करो बखान.